A Dialogue with the God of Death | यम-नचिकेता संवाद | कठोपनिषद | Katha Upanishad |

By Shahaji Patil

Categories: Religion & Spirituality, Spirituality

वाजश्रवस एक ऋषि थे। एक बार उन्होंने एक ऐसा महायज्ञ करने का निश्चय किया जिसमें वे अपना सर्वस्व दान कर देना चाहते थे। उनका एक पुत्र था जिसका नाम नचिकेता था। वह छोटा ही था किन्तु अत्यन्त बुद्धिमान और मन व हृदय से निर्मल था। उसने देखा कि उसके पिता ऐसी गायें दान कर रहे हैं जो निर्बला तथा वृद्धा हैं, और दूध देने में असमर्थ हैं। उसने मन में सोचा कि मेरे पिता वृद्धा गायें दान में देकर उचित कार्य नहीं कर रहे हैं। इसलिए वह अपने पिता के पास जाकर बोला, “पिता, मैंने सुना है कि जिस प्रकार का यज्ञ आप कर रहें हैं उसमें जो कुछ व्यक्ति का प्रिय है, उसे दान करना पडता है। यदि ऐसा है तब आप मुझे किसे दान में दे रहे

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