The Neem Karoli Baba Way (Hindi) | नीम करोली बाबा का मार्ग
By Sidharth Jain
Categories: Religion & Spirituality
Steve Jobs उनसे मिलने की आशा में भारत आए, और Mark Zuckerberg, Julia Roberts और विराट कोहली – सभी उनकी विरासत की ओर खिंचे। नीम करोली बाबा का मार्ग, सिद्धार्थ जैन की किताब The Neem Karoli Baba Way का हिंदी audio संस्करण, संत की प्रेम, सेवा और अनासक्त कर्म की शिक्षा को कंपनियाँ, टीमें और संस्थाएँ चलाने वालों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका में बदलता है। Steve Jobs hoped to meet him; Zuckerberg, Julia Roberts and Virat Kohli were drawn to his legacy. This Hindi audio edition of The Neem Karoli Baba Way is a practical guide for leaders, built on love, service and detached work. By Sidharth Jain.
22 episodes indexed on PodSearch.
Recent episodes
- 22. लेखक के बारे में
सिद्धार्थ जैन – फ़िल्म निर्माता और The Story Ink के संस्थापक – और नीम करोली बाबा से उनका पारिवारिक संबंध।About the Author.
- 21. स्रोतों और पद्धति पर एक टिप्पणी
नीम करोली बाबा ने कोई लिखित शिक्षा नहीं छोड़ी। किताब गवाही को कैसे बरतती है, और हर दृश्य के पीछे के पाँच प्रकार के वृत्तांत।A Note on Sources and Method.
- 20. संक्षिप्त शब्दावली
अहिंसा, अन्नदान, दर्शन, धाम – किताब में आए शब्दों की संक्षिप्त शब्दावली।A Short Glossary.
- 19. Hanuman Ansh की घटना
उन पर बनी फ़िल्म Hanuman Ansh की सफलता, और उससे पूछे जाने वाले तीन प्रश्न।The Hanuman Ansh Phenomenon.
- 18. वे लोग जिन्होंने उन्हें आगे पहुँचाया
सिद्धि माँ, दादा और दीदी मुखर्जी, और वे भक्त जिनके ज़रिए उनकी कहानी हम तक पहुँची।The People Who Carried Him.
- 17. कहानी कहाँ बसती है
चार स्थान और दो दिन – कैंची से वृंदावन तक, जहाँ यह कहानी सचमुच बसती है।Where the Story Lives.
- 16. संरक्षक की toolkit
हर चीज़ के लिए जवाबदेह, किसी चीज़ पर अधिकार नहीं। किताब के व्यावहारिक औज़ार एक जगह।The Steward's Toolkit.
- 15. बाबा की और कहानियाँ
महाराजजी की ग्यारह और कहानियाँ, दोबारा पढ़ने-सुनने के लिए, बिना तर्क के।More Stories of Baba.
- 14. उपसंहार: बिना पीछे मुड़े चले जाओ
“जब मैं चला गया, तो चला गया।” वे क्या छोड़ गए – न उत्तराधिकारी, न सिद्धांत – और अच्छी तरह विदा लेने की सीख।Epilogue: Leave Without Looking Back.
- 13. चमत्कार का क्या करें
“उन्हें मेरी माँ के बारे में पता था।” Richard Alpert से Ram Dass तक – चमत्कार की कहानियों के साथ क्या करें।Chapter 10: What to Do with a Miracle.
- 12. सब एक
सब एक। हर जाति, वर्ग और धर्म के लोग एक ही बेंच पर। स्थानीय जीत की क़ीमत, और उसका हिसाब कैसे रखें।Chapter 9: Sab Ek.
- 11. याद रखो कि काम किसकी सेवा करता है
हर सुबह राम नाम के दो पन्ने। स्मरण को एक दैनिक अभ्यास बनाना, ताकि उद्देश्य सचमुच निर्णय बदले।Chapter 8: Remember What the Work Serves.
- 10. सीधा पैसा
संत और पक्षी संग्रह नहीं करते। सीधा पैसा: हर रुपया अपने इतिहास के साथ क्यों आता है।Chapter 7: Straight Money.
- 9. हर क़ीमत पर सत्य?
सत्य सबसे कठिन तप है। Be Here Now के दो असत्य अनुच्छेदों की कहानी, और ऐसी जगह बनाना जहाँ छिपाना बेकार हो।Chapter 6: Truth at Any Cost?
- 8. सबसे प्रेम करो। कठिन निर्णय लो।
व्यक्ति से प्रेम करो, भूमिका का निर्णय करो – बिना शर्त सम्मान और कठिन निर्णय साथ कैसे रहते हैं।Chapter 5: Love Everyone. Make Hard Decisions.
- 7. पहले लोगों को खिलाओ
“बैठो, खाओ।” कैंची में रसोई हर शिक्षा से पहले आती थी। किसी संगठन के भीतर “खिलाने” का अर्थ क्या है।Chapter 4: Feed People First.
- 6. Manager की तरह काम करो
एक बर्तन जो उन्हें चाहिए था, और फिर नहीं। आसक्ति पर उनकी शिक्षा: हर चीज़ के लिए जवाबदेह, किसी चीज़ के स्वामी नहीं।Chapter 3: Work Like a Manager. Accountable for everything, owner of nothing.
- 5. अंतराल: जहाँ रास्ता मुड़ता है
“कैसी शिक्षाएँ?” महाराजजी ने कहा कि शिक्षाएँ व्यर्थ हैं। यह अंतराल उस दृश्य का ईमानदारी से सामना करता है।Interlude: Where the Road Bends. Why the book offers remembered orientations, not a curriculum.
- 4. कंबल वाले बाबा
इलाहाबाद की Church Lane में पंद्रह सर्दियाँ। एक प्रोफ़ेसर के घर के ज़रिए महाराजजी का निकट से चित्र – वे कौन थे और लोग उनकी ओर क्यों खिंचे।Chapter 2: The Man in the Blanket. Fifteen winters at Church Lane, Allahabad.
- 3. वह गुरु जिनसे Steve Jobs कभी नहीं मिले
“मैं किसी बाबा को नहीं जानता।” Steve Jobs, Mark Zuckerberg, Julia Roberts और विराट कोहली – प्रसिद्ध नामों की असली कहानी, और वह मिथक जो उसे ढक रहा था।Chapter 1: The Guru Steve Jobs Never Met. The famous names at their true weight.
- 2. प्रस्तावना: बाग़
नानी की सबसे प्रिय कहानी, और बाग़ का वह निर्देश जिस पर पूरी किताब टिकी है: manager की तरह काम करो – पूरी ज़िम्मेदारी लो, स्वामित्व छोड़ दो।Prologue: The Orchard. A grandmother's story and the instruction at the heart of the book: work like a manager.
- 1. समर्पण
नाना-नानी और दादा-दादी की स्मृति को समर्पित – वह परिवार जिसके ज़रिए नीम करोली बाबा की कहानियाँ लेखक तक पहुँचीं।Dedication: to the memory of the author's grandparents.
PodSearch is a free, independent podcast search engine. Read about PodSearch, the privacy policy or contact us.