राणा जी मैं सांवरे रंग राची | आनंद मंगल गावन की | Mira Bai |
From Sant Mirabai | संत मीराबाई |💗पदावली मीराबाई💗| Padavali Meerabai | कृष्ण की अधूरी लीला | Krishna · 00:05:42
Show by Shahaji Patil
मीरा कहती है, उमड़ घुमड़ चहुँ दिसि से आए, दामिन दमक झरलावन की। नन्हीं नन्हीं बुंदिया मेहा बरसे, शीतल पवन सुहावन की। मीरा के प्रभु गिरधर नागर, आनंद मंगल गावन की।जब सब शांत हो जाता है भीतर, अहंकार, वासना, तृष्णा, मोह, लोभ, क्रोध, तो शीतल हवाएँ बहने लगती हैं, सुगंधित हवाएँ बहने लगती हैं। तो मीरा कहती है, मीरा के प्रभु गिरधर नागर, आनंद मंगल गावन की।आ गयी घड़ी आनंद मंगल गावन की, आ गयी घड़ी नाचने की, आ गयी घड़ी पैर में घुंघरू बांधने की, आ गयी घड़ी जिसकी प्रतीक्षा थी जन्मों जन्मों से, उस कृष्ण की, उस कान्हा की।जो इन आँखों ने देखा क्या बताए, जो गुजरी दिल पे अपनी क्या सुनाए। फलक ने ढाए हम पर जुल्म क्या क्या, जमीं ने क्या क्या, ऐ दोस्त ना पूछ, ऐ दोस्त रुला दे गमे दिल तुझे भी साथ अपने को रुलाए।जब भक्त भगवान के सानिध्य में आना शुरू होता है ना, तब उसे पता चलता है कि इतने दुःख झेले, इतनी पीड़ाएं झेली, रास्ते में इतने कांटे चुभे, राह में इतने नरक भोगे, लेकिन अब सब भुलाया जा सकता है, क्योंकि उसकी अनुकंपा की एक बूंद भी चख ली तो बस काफी है।सब मिट जाता है जैसे एक दुःख स्वप्न देखा था, उसकी बात भी छेड़ने का मन नहीं करता। भक्त बहुत बार सोचता है कि जब भगवान को मिलेंगे तो करेंगे सब शिकायत। मीरा भी शिकायत करती है कृष्ण से, खोल कर रख देंगी अपनी पीड़ाओं का चिट्ठा, कहेंगी कि ये तुमने इतने कष्ट दिए मुझे, क्यों इतनी तकलीफ दी, क्यों ऐसा संसार बनाया, क्यों हमारे मन को ऐसा उपद्रव रूप दिया है, क्यों इतनी वासना भरी है।स्वभावता सभी भक्त के मन में यह भाव होता है कि जिस दिन भगवान मिलेंगे, जिस दिन कृष्ण मिलेंगे, कुछ सवाल ही पूछ लें भगवान से, ऐसा क्या किया तूने, क्यों इतना दुख भरा संसार बनाया। तू तो करुणावान है, तू तो परम रोशनी है, इतना अंधकार, इतना अंधेरा रास्ता क्यों बनाया है। मेरा कसूर क्या है, हमें क्या दिए ऐसे पाप से भरे हुए तूफान, हमारे मन में क्यों ऐसी वृत्तियाँ पैदा की, हमें क्यों इस ढंग से रचा तूने।लेकिन जब परमात्मा से मिलन होता है ना, तब समझ में आता है, तमन्नाओं, उम्मीदों, हसरतों के फिर अब ख्वाब क्या जगाए। अब उन खोई बातों को क्या उठाना, अब व्यर्थ की क्यों करनी, छोड़ दो अब सब, क्योंकि परमात्मा से मिलन हो गया, उसका दर्शन हो गया।उस क्षण तो परमात्मा से मिलन के क्षण के समय सब शिकायत खत्म हो जाती है, उस क्षण तो धन्यवाद उठता है भीतर से, उसके सिवाय कुछ उठ ही नहीं सकता, सिर्फ धन्यवाद।ऐसा कभी-कभी तुम्हारे सामान्य जीवन में भी घटता है। अगर कोई स्त्री अपने प्रेमी की राह देख रही है तो हजार शिकायत करती है मन में, इस बार आओ तो यह कहूँगी, यह कहूँगी, वह कहूँगी। कितना रुलाया, कितना सताया, कितना गम दिया, इस बार आओ तो मुँह से बोलूंगी भी नहीं। और जब प्रेमी आता है तो नाचने लगती है, तो भूल जाती है वह जो सब हुआ था, सब भूल गयी। उसकी बात ही छेड़नी जैसी नहीं लगती, इस शुभ घड़ी में, इस मंगल घड़ी में, इस गाने की घड़ी में, उन काँटों की बात भी निकालना बेहूदगी लगती है।यह एक झलक है प्रेम की और सब दुख समाप्त हो गया। यह तो उस साधारण प्रेम में हो जाता है, तो तुम उस परम प्रेम की कल्पना कर सकते हो। याद ही नहीं पड़ता कि कभी दुख उठाया था, याद नहीं आता कभी अँधेरा था, याद नहीं आता कभी चिंताओं ने घेरा था, याद नहीं आता कि कभी रास्ते पर नरक भी मिला था, याद नहीं रहता, भरोसा भी नहीं होता कभी ऐसा हुआ था। वो जरा सी रोशनी उसकी, उस परमात्मा की, उस कृष्ण की, उसकी छोटी सी पड़ी हुई बूंद, तृप्त हो जाती है, आनंद मंगल गावन की घड़ी है अब।इसलिए मीरा कहती है, राणा जी मैं सांवरे रंग राची।पूरा वीडियो अंत तक देखो, मन शांत हो जाएगा।Video pasand aaye to Like, Share aur Subscribe zaroor karo.Agar pasand aaya to channel ko subscribe karoRadhe - Radhe 🙏#meerabai #ranaji #sanwrerangrachi #anandmangal #girdharnagar #ghunghru #prem #bhakti #satsang #shahajpatil #party #hindisatsang #bhaktisong #krishnabhajan #milan
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